गुर्दा की पथरी का रोग

गुर्दा की पथरी का रोग
सोंठ, बर्ना छाळ,गोखरू,पाषानभेद,जोखार, मूली खार 10-10 ग्राम ले कर पीस लें ओर सुबह शाम
kidney stone
खाली पेट 2-3ग्राम चूरन कुलथी की दाल के पानी से पथरी के रोगी को दें
खाना खाने के 30 मिंट बाद IMC का हिमालयन बेरी जूस 1-1 चमच खाना खाने के बाद दें 30 दिन मे पथरी गॅल कर निकल जाएगी 

इस द्वा से पथरी निकालने के साथ साथ दुबारा कभी नही होती गेरॅंटिड है पर्योग करके देखें
परहेज ईमली की खटाई,हर तरह का आचार तले पदार्थ का सखत परहेज है

तवचा के लिए घरेलू फ़ेस पैक


पत्ता गोभी के पत्ते व ऑलिव ऑयल फेस पैक

herbal facepack
दो गोभी के पत्ते कों कुछ देर थोड़े-से ऑलिव ऑयल (जैतून के तेल ) में डुबोकर रखें। अब इस पत्ते पर नीबू का रस डालें और पत्ते को अपने चेहरे पर रखकर चेहरे को गीले पेपर टॉवल से ढक लें। 10 मिनट बाद पत्ते को हटाएं और रुई की मदद से चेहरे पर से ऑलिव ऑयल को हटा दें। गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।

पत्ता गोभी और खमीर फेस पैक

मिक्सर ग्राइंडर में एक चम्मच शहद, पत्ता गोभी के दो-तीन पत्ते और दो चम्मच खमीर डालकर पेस्ट तैयार करें। इस फेस पैक को चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर रखें। अब गुनगुने पानी से चेहरे को साफ करें। यह एक प्राकृतिक एस्ट्रीजेंट है, इससे त्वचा की रंगत में निखार आएगा।
खुबानी (एप्रिकॉट)-ऑलिव ऑयल फेस पैक
एक कटोरी में मध्यम आकार का खुबानी फ़ल और दो-तीन चम्मच गुनगुना ऑलिव (जैतून
के तेल ) डालकर पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को चेहरे पर 10 मिनट के लिए लगाएं। चेहरे को 10 मिनट बाद पानी से साफ कर लें। चेहरा खिल उठेगा।

टमाटर का फेस पैक
सर्दी मे तवचा के लिए घरेलू फ़ेस पैक

एक कटोरी में मध्यम आकार के टमाटर का पेस्ट और चार-पांच बूंद नीबू का रस डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। अपनी उंगलियों की मदद से इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथों से चेहरे पर मसाज करें। इस फेस पैक को चेहरे पर 15 मिनट तक लगा रहने दें और उसके बाद चेहरा साफ कर लें। इस फेस पैक से चेहरे की त्वचा में कसाव आएगा और त्वचा मुलायम व चमकदार बनेगी।

पपीता और जौ के आटे का फेस पैक

अगर किसी कारण चेहरे की रंगत खराब हो गई है तो उसे ठीक करने में भी यह फेस पैक मदद कर सकता है । मझोले आकार के पके हुए पपीते को छीलकर काटें और बीज निकाल दें। पपीते के कुछ टुकड़े को एक कटोरी में डालकर मथ लें और उसमें एक चम्मच जौ का आटा, एक नीबू का रस और दो देसी अंडों की सफेदी डालकर पेस्ट बना लें। इस फेस पैक को 15 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें और फिर गुनगुने पानी से बिना साबुन लगाए चेहरा साफ कर लें आप्की खोई हुई चेहरे की रंगत लोट आएगी ।

हर तरह के कॅन्सर का इलाज

हर तरह के कैन्सर का इलाज


1- हर रोज सुबह शाम मरीज को हिमालयण बेरी जूस 2- 2 चमच नियमित दे व निमनलिख़त दवा लगातार दें  एलो वेरा रस की 2 चमच दोपहर एक समय दे  I
cancer2-श्री तुलसी की 1-1 बूँद चाय या पानी में मिला कर देते रहे I
3 ताजी हल्दी की गाँठ का रस निकल कर 2-2 चमच सुबह शाम दें4-गाय जो लाल रंग
की हो का मूत्र 1/2 गिलास रात के समय रोगी को पीने को दे या हमारी सहयोगी कंपनी से मंगवा लें I
ये इलाज 3 माह का है मगर आप 40 दिन तक दवा देने के बाद टेस्ट करवा कर देख लें नतीजा आपके सामने होगा I
अगर आप एकेले ताजा हल्दी गाठ का रस भी रोगी को देते हैं तो काफ़ी अच्छे परिणाम देखने को मिलें गे 
cause of cancer

हमारी सहयोगी द्वा कंपनी की कोई भी द्वा 25 से 40 % डिसकाउंट पर खरीदने के लिए डिसकाउंट कार्ड लिंक पर जा कर डिसकाउंट कार्ड डाउनलोड करके अपने पास रखें ओर हर बार नज़दीकी एजेन्सी से भारी छूट प्राप्त करें
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आप हर अपनी या अपने किसी भी परिचित की बिमारी का समाधान इस वेबसाईट पर देखने के बाद हमसे मिलने की इच्छा जरुर करेगे आपका इसके लिए सवागत है
आप हमे हमारे ई मेल पते पर हमे मेल कर सकते है 


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तिल्ली ओर प्लीहा के रोग

तिल्ली ओर प्लीहा के रोग
Spleen Enlargement
सर्पुन्खा, सरफ़ोका,आकशबेल, आँवला, काली मिर्च, जखमे हयात 20-20 ग्राम ले कर घोट कर रोगी को सुबह शाम खाली पेट पिलाएँ
imc का अलोए-वेरा जूस 2-2 चमच खाना के बाद दे यह द्वा 60 दिन तक करने से हर तरह के तिल्ली पॅलीहा ओर जिगर के रोग ठीक हो जात हैं

ख़ान-पान, तली, चिकनी,खट्टी,गरम मसालेदार, फास्ट फूड,आचार,बासी खाना ओर मैदा से बनी चीज़ें इतियदि से परहेज रखें
सादा खाना मीठी दही लस्सी,छाछ , मोस्मि का जूस, गन्ने का जूस जो अधिक ठंडा ना हो रोगी को दें I  

हर बीमारी आपकी मुट्ठी मे

हर बीमारी आपकी मुट्ठी मे

Green grass
हर रोज सुबह सुबह २०-३० मिंन्ट तक हरी दुभ जिस पर ओस हो पेर टहलें या घूमे या किसी नज़दीकी पार्क मे घास पर घूमे
इससे नज़र तेज होती है ओर चश्मे का नंबर भी लगातार कम होता जाता है सुबह सुबह घास पर टहलने के ओर भी ढेर सारे फ़ायदे है

१-सुबह सुबह घास पर टहलने से दिल के रोगों के मरीज की बीमारी मैं भी लाभ होता है
२-सुबह सुबह घास पर टहलने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल मैं रहता है , ब्लड प्रेशर कंट्रोल मे रहता है
३-सुबह सुबह घास पर टहलने से मोटापा कम होता है चर्बी कम हो जात है
४ सुबह सुबह घास पर टहलने से शुगर व ब्लडशुगर के मरीज़ो मे शुगर के सत्र को नियंत्रण मे बड़ी मदद मिलती है  

सिर में सिकरी या रूसी

सिर में सिकरी या रूसी

घर पर तैयार करें देसी शैंपू जो आपकी सिकरी या रूसी का कर दे ख़तम

dandruff
अगर आप सोचते हैं कि बाजार से रसायनयुक्त शैंपू ख़रीदकर आप अपनी रूसी ख़तम कर देंगी तो आप ग़लत है। अब तक आप पता नही कितने दावों वाले शैंपू आजमा चुकी  हैं, अब सिर्फ़ हमारे इस देसी शैंपू को आजमा कर देखें
 समान

अदरक को बारीक पीसकर २-३ चम्मच रस निकाल लें।  इसके अंदर 5-6 बूंद निंबू का रस मिला लें ओर इसमें तीन चम्मच काले या सफेद तिल का तेल या जैतून का असली तेल मिला लें
बस हो गया है आपका देसी शैंपू या कंडीसनर तैयार अब इसे नहाने से पहले इस देसी शैंपू को बालों की जड़ों तक उंगलियों के हल्के दबाव के साथ लगाकर मालिश कर लें। 20 मिनट तक ऐसा ही छोड़ दें। फिर बालों को धो लें। सप्ताह में 2-3 बार इस नुस्खे को आजमाएं। आप अपने सिर मैं सीकरी या रूसी का नाम भी ढूंड नही पाएँगी

सिरदर्द या माईग्रेन

migraine
सिरदर्द एक देखने मे छोटी मगर एक गंभीर किस्म की बीमारी है
आम तोर पर सिर दर्द या माईग्रेन रोग के इलाज मे एलोपैथिक दवाओं
माईग्रेन एक बेहद दर्दकारक समस्या है,  ज्यादातर देखा जाता है की माईग्रेन का दर्द सिर के बाएं अथवा दाहिने भाग में होता है, यानि सिर के एक ही हिस्से में इसे महसूस किया जाता है इसलिये इसे आधा सिर दर्द भी कहा जाता है। कभी-कभी यह दर्द ललाट और आंखों पर भी स्थिर हो जाता है। जो नज़र की कमज़ोरी के कारण भी हो जाता है कई दफ़ा माईग्रेन का दर्द सुबह उठते ही प्रारंभ हो जाता है और सूरज के चढ़ने के साथ रोग भी बढ़ता जाता है। दोपहर बाद दर्द में कमी हो जाती है। कारगर उपायों के तौर पर सुदुर ग्रामीण अंचलों में आदिवासी हर्बल जानकार अनेक हर्बल नुस्खों का इस्तमाल करते हैं, आज हम ऐसे ही एक कारगर नुस्खे का जिक्र करेंगे जिसे आमतौर पर आदिवासी अक्सर इस्तमाल में लाते हैं।
अगर अप भी माईग्रेन या सिर के दर्द के शिकार है ती यह नुस्खा आजमा कर देखें
- 1-हर रोज एक एक बूँद श्री तुलसी की पानी मैं या चाय मे डॉल कर दो या तीन बार पी ले 

2-तुवर के पत्तों या हरहर के पत्तों का रस (५० ग्राम) तथा दूब (दूर्वा घास) (५० ग्राम) का रस निकल कर, इन दोनो मिश्रण को आपस में अच्छी तरह घोल ले और इसमें ३-४ काली मिर्च भी कूटकर मिला ले  इस रस की  २-३ बूंद  को नाक के दोनो नथूनों में डालें
१५ से २० दिन तक दिन में दो बार करें यह माईग्रेन का सबसे बढ़िया उपचार है 

के नाम पर दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं लेकिन दर्द निवारक दवाओं से दर्द मे तो रहट मिल जाती है मगर इनके घातक दुष्प्रभावों से कई अन्य रोग होना भी आम बात है।

बायो एनर्जी हेल्दी ब्रेसलेट

यह ब्रेसलेट  पार्दूषण,रेडियेशन चुंबकीय शक्ति की कमी से  हमारे सरीर की सेनट्र ऑफ ग्रॅविटी
यानी हमारे सारिस के संतुलन सिस्टम के जो सेल्स खराब हो चुके है या मार चुके है उनको सक्रिय कर देता है |यह ब्रेसलेट सही मे कहे तो हमारे सरीर के लिए उर्जा बढ़ाने वाला पवर प्लांट है जिससे आन्त उर्जा का संचार होता है
यह हमारे सरीर के चारो तरफ सुरक्षा चकर का निर्माण करता है जिससे वातावर्ण मे मोजूद हानिकार्क तत्वो के परभाव से बचा जा सकता है
इसमे 5 तरह की स्वस्थ-वर्धक थेरोपी हैं
1-चुंबकीय थेरोपी 
2-रोर इंफ्रारेड रेंज थेरोपी
3-जर्मेनिउम थेरोपी
4-नगेटिव आयन्स थेरोपी
5-टाइटैनियंम थेरोपी
ये सभी सरीर की सुरक्षा प्रदान करती हैं एवम् इनके प्रभाव असचर्यजनक हैं
यह अनेक बीमारिओ मैं लाभदायक है  जैसे सरिरक ,मानसिक एव यों क्षमता बढ़ने मे,कमर,कंधो,सिर,पैर,मश्पेशिओ या जोड़ो के दर्द,गठिया की बीमारी,कबज,शुगर, ओर इनसे होने वाली बीमारिओ मे,ब्लड प्रेशर एन खून के प्रवाह को ठीक करने मे,ब्लड कोलेस्ट्रॉल को ठीक करने मे तथा ह्रदया एव लिवर को बाल देने मे, ह्रदये की धमनिओ मे आइ रुकावट को ठीक करने म्व, थकावट को दूर करने एव सरिरक़ उर्जा ओर ताक़त देने मे बहोत बेहतरीन है 

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हकलाना या वाणी दोष का इलाज

 हकलाना , तुतलाना  रोग एक असभ्य रोग है इस रोग को ठीक करने के लिए कोई अलोपेथिक
Stammer disease
दवाई मोजूद नही है इसको ठीक करना मुस्किल काम नही है मगर तोड़ा लंबा ज़रूर है
इसके रोगिओ को हिमालयण बेरी जूस की 1-1 चमच दवा सुबह खाली पेट ओर रत को सोते सम्य 3 माह तक लेनी है
बेध्यनाथ की संख पुष्पी 2-2 चमच खाना खाने के बाद दोनो टाइम लेनी है

इसके इलावा
  बच्चे के लिए * बच्चे को एक ताजा हरा आँवला रोज चबाने के लिये दें। बच्चे से कहें कि पूरा आँवला वह चबा कर खा ले। इससे बच्चे की जीभ पतली हो जायेगी और उसके मुख की गर्मी भी समाप्त हो जायेगी।
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बच्चे का तुतलाना और हकलाना बन्द हो जायेगा। 
बड़ों के लिए   * बादाम गिरी 7 और काली मिर्च 7 लेकर कुछ बूंद पानी में घिस कर चटनी बना लें और उसमें थोड़ी-सी मिश्री मिला लें तथा रोगी को सुबह कुछ भी खाने से पहले चटा दें। नियमित रूप से लगभग एक या दो माह तक ऐसा करें। हकलाना और तुतलाना समाप्त हो जाता है 

रंग गोरा करने के लिए


गोरा रंग करने के लिए उपचार
रंग गोरा करने के लिए उपलब्ध कई सौंदर्य प्रसाधन बाजार मैं होते है मगर अपने देखा होगा की
fair-care
टेलीविज़न या कई परचर देखने के बाद आप उस प्रसाधन का जब इस्तेमाल करते है तो आपको निष्पक्ष रूप मे कोई सही परिणाम नही मिलता क्योकि ये सभी उत्पाद पैसा कमाने के लिए बनते है ओर अधिकतर कंपनी इससे कमाई करने मैं तो सफल हो जाती है मगर आपका मेहनत से कमाया हुया पैसा बेकार चला जाता है ओर कई दफ़ा आपका रंग ओर अधिक खराब हो जाता है 

इन सभी चीज़ो को नज़र मे रखते हुए हमने  आपके चेहरे की चमक को बरकरार रखने के लिए जाँचे परखे उत्पादो भी लिखने शुरू किए हैं
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जो रंग गोरा करने के साथ साथ त्वचा को कोमल नरम,मुलायम करने  के लिए प्रभावी और सिद्ध हो रहे हैं.
गोल्ड फॅशियल किट
यह तवचा को स्वस्थजानदार गोरा , मुलायम ,चमकदार ,कांतीमये, तथा छुरिया  रहित बनाने के लिए इससे  कम से कम साप्ताह मे एक बार फेशियल ज़रूर करना चाहिए
अगर आपके चेहरे पर किसी तरह के दाग-धब्बे ,निशान, कील छाई काले घेरे इटियादी हैं तो आपको हेर्बल गोल्ड फॅशियल किट  मंगवा कर ज़रूर इस्तेमाल करनी चाहिए
नकली ओर केमिकल युक्त फेशियल कभी भी नही करवाना चाहिए
घरेलू उपचार प्राकृतिक और किसी भी पक्ष प्रभाव के बिना कर रहे हैं. त्वचा निष्पक्ष बनाने और रंग में सुधार लाने के लिए घरेलू उपचार से कुछ हैं:

अगर आप इसके साथ साथ घरेलू व प्राकृतिक उपचार भी शुरू कर सकती हैं जो आपकी तव्चा को नरम एव आपके रंग में निखार लाने के लिए घरेलू उपचार से कुछ नीचे लिखे गये हैं * 2 चम्च बेसन, नींबू का रस की 6 बूँदें, कच्चे दूध का 1 चम्मच और नरम त्वचा पाने के लिए फेस पैक बनाने के लिए जैतून का तेल की कुछ बूँदें ले लो. ओर इनको मिलकर अपने चेहरे पर लेप करे 1-2 घंटे बाद हल्के गरम पानी के साथ धो ले
* सूखे संतरे का छिलका  पीस कर दूध के साथ मिश्रण का लेप करे गोरी त्वचा देने  के लिए यह पर्योग बढ़िया है.
* कच्चे दूध में 4 बादाम के साथ काले चने भिगो दें और यह सुबह में पीस लें ओर लेप करे कुछ ही दिन में ही आपकी त्वचा मे हल्का बदलाव आना शुरू हो जाएगा अपनी त्वचा पर इस पैक लागू करें. बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए दैनिक इस मिश्रण का प्रयोग करें.
* ककड़ी का रस, नींबू का रस और कुछ गुलाब जल से मिलकर फेस पैक बहुत प्रभावी है. शहद और नींबू के रस के साथ एक चेहरा मुखौटा कोशिश करें. कम से कम ध्यान देने योग्य परिणाम प्राप्त करने के लिए एक सप्ताह के लिए लगातार ओर साथ मैं फेस पैक के साथ फेस मास्क का प्रयोग ज़रूर करें.

 

पुत्र प्राप्ति हेतु गर्भाधान का तरीका

हमारे महान आयुर्वेद ग्रंथों के अनुसार अपनी इच्छा के मुताबिक संतान
यदि आप पुत्र प्राप्त करना चाहते हैं और वह भी गुणवान, तो हम आपकी सुविधा के लिए हम यहाँ
Get Baby as your Thinking
माहवारी के बाद की विभिन्न रात्रियों की महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं।
1- चौथी रात्रि के गर्भ से पैदा पुत्र अल्पायु और दरिद्र होता है।
2- पाँचवीं रात्रि के गर्भ से जन्मी कन्या भविष्य में सिर्फ लड़की पैदा करेगी।
3- छठवीं रात्रि के गर्भ से मध्यम आयु वाला पुत्र जन्म लेगा।
4- सातवीं रात्रि के गर्भ से पैदा होने वाली कन्या बांझ होगी।
5- आठवीं रात्रि के गर्भ से पैदा पुत्र ऐश्वर्यशाली होता है।
6- नौवीं रात्रि के गर्भ से ऐश्वर्यशालिनी पुत्री पैदा होती है।
7- दसवीं रात्रि के गर्भ से चतुर पुत्र का जन्म होता है।
8- ग्यारहवीं रात्रि के गर्भ से चरित्रहीन पुत्री पैदा होती है।

9- बारहवीं रात्रि के गर्भ से पुरुषोत्तम पुत्र जन्म लेता है।
10- तेरहवीं रात्रि के गर्म से वर्णसंकर पुत्री जन्म लेती है।
11- चौदहवीं रात्रि के गर्भ से उत्तम पुत्र का जन्म होता है।
12- पंद्रहवीं रात्रि के गर्भ से सौभाग्यवती पुत्री पैदा होती है।
13 सोलहवीं रात्रि के गर्भ से सर्वगुण संपन्न, पुत्र पैदा होता है।
न पैदा कर सकते हैं मगर आजकल जो भ्रूण हत्या का महॉल चल रही है वो तो सरासर ग़लत है इसको रोकना होगा  शास्त्रोनुसार मनचाही संतान की प्राप्ति संभव है मगर इंसान को शास्त्रों के अनुसर्ञ करना ज़रा मुस्किल ज़रूर है असंभव नही है ग्रंथों में पुत्र-पुत्री प्राप्ति हेतु दिन-रात, शुक्ल पक्ष-कृष्ण पक्ष तथा माहवारी के दिन से सोलहवें दिन तक का महत्व बताया गया है। धर्म ग्रंथों में भी इस बारे में जानकारी मिलती है।

 दो हजार वर्ष पूर्व के प्रसिद्ध चिकित्सक एवं सर्जन सुश्रुत ने अपनी पुस्तक सुश्रुत संहिता में स्पष्ट लिखा है कि मासिक स्राव के बाद 4, 6, 8, 10, 12, 14 एवं 16वीं रात्रि के गर्भाधान से पुत्र तथा 5, 7, 9, 11, 13 एवं 15वीं रात्रि के गर्भाधान से कन्या जन्म लेती है।
अगर कोई ना समझे तो कोई कया कर सकता है मगर है सभ कुछ आपके अपने हाथ मैं
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बाँझपन -बन्ध्यत्व का इलाज

बाँझपन -बन्ध्यत्व का इलाज

स्त्री बाँझपन तीन प्रकार का होता है-
पहला- आदि बन्ध्यत्व यानी जो स्त्री पूरे जीवन में कभी गर्भ धारण ही न क
दूसरा- काक बन्ध्यत्व यानी एक संतान को जन्म देने के बाद किसी भी कारण के पैदा होने से फिर गर्भ धारण न करना। एक संतान हो जाने के बाद स्त्री को बाँझ नहीं कहा जा सकता अतः ऐसी स्त्री को काक बन्ध्त्व यानी वन चाइल्ड स्टेरेलिटी कहते हैं।
तीसरा- गर्भस्रावण बन्ध्यत्व यानी गर्भ तो धारण कर ले पर गर्भकाल पूरा होने से पहले ही गर्भस्राव या गर्भपात हो जाए। इसे रिलेटिव स्टेरिलिटी कहते हैं।

इसके अलावा स्त्री के प्रजनन अंग का आंशिक या पूर्णतः विकसित न होना यानी योनि या गर्भाशय का अभाव, डिंबवाहिनी यानी फेलोपियन ट्यूब में दोष होना, पुरुष शुक्राणुहीनता के कारण गर्भ धारण न कर पाना, श्वेत प्रदर, गर्भाशय ग्रीवा शोथ, योनि शोथ, टीबी आदि कारणों से योनिगत स्राव क्षारीय हो जाता है, जिसके संपर्क में आने पर शुक्राणु नष्ट हो जाते हैं व गर्भ नहीं ठहर पाता।
इस प्रकार बन्ध्यत्व को दो भागों में बाँटा जा सकता है, एक तो पूर्ण रूप से बन्ध्यत्व होना, जिसका कोई इलाज न हो सके और दूसरा अपूर्ण बन्ध्यत्व होना, जिसे उचित चिकित्सा द्वारा दूर किया जा सके। 
रे, इसे प्राइमरी स्टेरेलिटी कहते हैं।
इलाज                                                            
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इस बीमारी मैं सबसे पहले यह देख ले की नुकस मर्द मैं है या औरत मैं अगर मर्द मैं शुक्राणु की कमी है तो शुक्राणु की कमी दूर कने के लिए सबींधित पेज पर देख कर उसका इलाज करे ओर अगर औरत मैं कमी है तो उसके लिए 2 शीसी आसोका अरिष्ट की ज़रूर पिलये ओर होम्योपैथिक इलाज करे जो जल्दी असर करता है अगर कोई फ़र्क माएःसूस ना हो तो हमसे संपर्क करे
 होम्योपैथिक दवाए जो आयुर्वेदिक जड़ी बूटिओ के अरक से एक्सट्रॅक्ट करे तेयार की जाती हैं 
किसी होम्योपैथिक चिकित्सक से सलाह लें या निम्नलिखित दवाई का प्रयोग करें-
सीपिया-30 : जरायु से संबंधित रोगों व बन्ध्यत्व के लिए यह मुख्य औषधि है। इसके लिए सीपिया-30 शक्ति की गोली सुबह-शाम लाभ न होने तक चूसकर लेना चाहिए।
कोनियम मेक : सिर को दाएँ-बाएँ हिलाने से चक्कर आ जाना इसका मुख्य लक्षण है। बाँझ स्त्री में यह लक्षण होना ही इस दवा को चुन लेने के लिए काफी है। डिम्ब कोश की क्षीणता के कारण गर्भ स्थापित न होता हो तो कोनियम मेक का सेवन लाभ करता है। कोनियम मेक सिर्फ 3 शक्ति में सुबह-शाम चूसकर सेवन करना चाहिए।
प्लेटिना 6 एक्स: अत्यंत संवेदनशील और भावुक स्वभाव होना, जननांग को छूते ही स्त्री का शरीर ऐंठने, मचलने लगे, अत्यंत कामुक प्रकृति, हिस्टीरियाई रोग के लक्षण होना, मासिक धर्म अनियमित हो, तीव्र कामवासना की प्रवृत्ति हो तो प्लेटिनम या प्लेटिना 6 एक्स शक्ति में सुबह-शाम चूसकर लेना चाहिए।
पल्सेटिला : यह महिलाओं की खास दवा है। सीपिया और कैल्केरिया कार्ब की तरह यह दवा स्त्री के यौनांग पर विशेष प्रभाव डालती है

सफेद पानी यानी ल्यूकोरिया का इलाज

 सफेद पानी यानी  ल्यूकोरिया leukorrhea का इलाज

ल्यूकोरिया यानी सफेद पानी की बीमारी महिलाओं के शरीर को बेहद कमजोर कर देती है और
Leukorrhea
बोनस के रूप में कुछ और भी बीमारियों को पैदा कर देती है . जैसे त्वचा में रूखापन, गालों में गड्ढे, कमर दर्द, सेक्स में अरुचि, घुटनों में दर्द, पाचन में गड़बड़ी, चिडचिडापन  आदि इत्यादि. इसका एक बेहद सरल इलाज है-
एल्लोवेरा जूस का ल्गतर 2-3 माह तक रोजाना इस्तेमाल करना चाहिए ओर साथ मैं नीमिन पर्योग करे

कौंच के बीज कौंच को कपिकच्छु भी कहते हैं. इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, लौह तत्व, प्रोटीन, गंधक और गेलिक एसिड पाया जाता है. इन बीजो का छिलका ज़हरीला होता है इन बीजों को रत को भिगो कर रख दे सुबह इसका छिलका नरम हो जाएगा इसको उतार कर सूखा कर इस्तेमाल करे  
आप कौंच के बीज लीजिये. उनका पीस कर  पावडर बना लीजिये .बस इसी पावडर को सुबह शाम पानी से निगल लीजिये .मात्रा होगी २-२ ग्राम.
देखिये फिर जल्दी ही आपको इस नामुराद बीमारी से २१ दिन में ही. कैसे छुटकारा मिलता है.

1-. ल्यूकोरिया की बीमारी में अशोक पेड़ की  छाल के चूर्ण वा मिश्री को सामान मात्रा में मिलाकर गाय के दूध के साथ सुबह शाम सेवन करना चाहिए। इसके अलावा आंवला, गिलोय के चूर्ण को अशोक की छाल के चूर्ण के साथ बराबर मात्रा में उबालकर उसमें जल मिलाएं और शहद के साथ सुबह शाम सेवन करें।
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नज़र की कमज़ोरी

नेत्रज्योति आँखों की रोशनी  बढ़ाने के लिए
eye disease
एलो ज्योति आँखों के सभी रोगों के लिए एक उत्तम टॉनिक है इसको सुबह शाम दोनो समये आँखो मैं डालना चाहिए यह आँखों की रोशनी को बढ़ाती है ओर चस्मे का नंबर छोटा करती है धीरे धीरे चश्मा उतारा जा सकता है
इस दवा के साथ रोग अनुसार नीचे दिए किसी एक पर्योग को इस्तेमाल कर्ण चाहिए 
 नज़र की कमज़ोरी
1-इन्द्रवरणा (बड़ी इन्द्रफला) के फल को काटकर अंदर से बीज निकाल दें। इन्द्रवरणा की फाँक को रात्रि में सोते समय लेटकर (उतान) ललाट पर बाँध दें। आँख में उसका पानी न जाये, यह सावधानी रखें। इस प्रयोग से नेत्रज्योति बढ़ती है।

2- त्रिफला चूर्ण को रात्रि में पानी में भीगोकर, सुबह छानकर उस पानी से आँखें धोने से नेत्रज्योति बढ़ती है।

चश्मा उतारने के लिएः
1- 7 बादाम, 5 ग्राम मिश्री और 5 ग्राम सौंफ दोनों को मिलाकर उसका चूर्ण बनाकर रात्रि को सोने से पहले दूध के साथ लेने से नेत्रज्योति बढ़ती है।
2- एक चने के दाने जितनी फिटकरी को सेंककर सौ ग्राम गुलाबजल में डालें और प्रतिदिन रात्रि को सोते समय इस गुलाबजल की चार-पाँच बूँद आँखों में डालकर आँखों की पुतलियों को इधर-उधर घुमायें। साथ ही पैरों के तलुए में आधे घण्टे तक घी की मालिश करें। इससे आँखों के चश्मे के नंबर उतारने में सहायता मिलती है तथा मोतियाबिंद में लाभ होता है।

रतौंधी अर्थात् रात को न दिखना (नाइट ब्लाइंडनेस)-
1- बेलपत्र का 20 से 50 मि.ली. रस पीने और 3 से 5 बूँद आँखों में आँजने से रतौंधी रोग में आराम होता है।
2-  श्याम तुलसी के पत्तों का दो-दो बूँद रस 14 दिन तक आँखों में डालने से रतौंधी रोग में लाभ होता है। इस प्रयोग से आँखों का पीलापन भी मिटता है।
3- 1 से 2 ग्राम मिश्री तथा जीरे को 2 से 5 ग्राम गाय के घी के साथ खाने से एवं लेंडीपीपर को छाछ में घिसकर आँजने से रतौंधी में फायदा होता है।
4- जीरा, आँवला  एवं कपास के पत्तों को समान मात्रा में लेकर पीसकर सिर पर 21 दिन तक पट्टी बाँधने से रतौंधी में लाभ होता है।
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सायटिका का दर्द

सायटिका  का दर्द-sciatica pain

 सायटिका नसों से सबींधित  बीमारी है जिसमें रोगी की एक टांग मे  भयानक दर्द होता है जो आमतौर पर असहनीय ही होता है।जिसको आमतौर पर रींगन वाय का दर्द भी बोला जाता है।

sciatica pain
अगर आप भी सायटिका पेन से परेशान है:-
1-सायटिका के दर्द से तत्काल राहत पाने के लिए अमर्तधारा की सीसी किसी मैडीकल हाल से लायें। अब 20 ग्राम सरसों का तेल किसी सीशी में लेकर उसमे 5-6 बूंद उकत अमर्तधारा तेल की सरसों तेल की इस सीशी में मिला लें इस मिले हुए सरसों के तेल को किसी भी दर्द से प्रभावित हिस्से पर लगा लें 5-7 मिन्ट मे फ़ौरन दर्द से छुटकारा मिल जाएगा ।

 नीचे दिए गये किसी एक योग का पर्योग करे  सायटिका  का दर्द जल्द ही ठीक हो जाएगा।
  प्रयोग
1- मीठी सुरंजान 20 ग्राम + सनाय 20 ग्राम + सौंफ़ 20 ग्राम + शोधित गंधक 20 ग्राम + मेदा लकड़ी 20 ग्राम + छोटी हरड़ 20 ग्राम + सेंधा नमक 20 ग्राम इन सभी को लेकर मजबूत हाथों से घोंट लें व दिन में तीन बार तीन-तीन ग्राम गर्म जल से लीजिए।
 2- लौहभस्म 20 ग्राम + रस सिंदूर 20 ग्राम + विषतिंदुक बटी 10 ग्राम + त्रिकटु चूर्ण 20 ग्राम, इन सबको अदरक के रस के साथ घोंट कर 250 मिलीग्राम के वजन की गोलियां बना लीजिए और दो-दो गोली दिन में तीन बार गर्म जल से लीजिए।
 3- एरण्ड के बीज की पोटली बनाकर उस से सेंक करें। दर्द से जल्द ही राहत मिलेगी।
4- 50 पत्ते परिजात या हरसिंगार के व 50 पत्ते निर्गुण्डी के पत्ते लाकर एक लीटर पानी में उबालें। जब यह पानी 750 मिली हो जाए तो इसमें एक ग्राम केसर मिलाकर एक बॉटल में भर लें। यह पानी सुबह शाम पौन कप मात्रा में पीएं। साथ ही दो-दो गोली वातविध्वंसक वटी की भी लें।

क दर्द होता है। इसका मुख्य कारण सायटिक नर्व है। यह वो नर्व है जो रीढ़ के निम्न भाग से निकलकर घुटने के पीछे की ओर से पैर की तरफ जाती है। शरीर को अधिक समय तक एक ही स्थिति में रखने से यह दर्द बढ़ जाता है यह पेन बहुत असहनीय होता है। अक्सर यह समस्या उन लोगों में होती है जो बहुत समय तक बैठ कर काम करते हैं या बहुत अधिक चलते रहने से, अत्यधिक साइकिल, मोटर साइकिल अथवा स्कूटर चलाने से सायटिक नर्व पर दबाव पड़ता है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि अचानक हड्डियों पर जोर पड़ जाने से भी इस प्रकार का दर्द होता है। इस प्रकार का दर्द अक्सर 40 से 50 वर्ष की उम्र में होता है और यह बीमारी बरसात या ठंड के मौसम में ज्यादा तकलीफ देती है।
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मधुमेह , डायबिटीज का इलाज

 शुगर अवे का लगातार 3-4 माह तक इस्तेमाल करे (30 गोली कीमत 300-00)
Diabetes
यह शुगर को नियंत्रित करती है व शुगर के कारण सरीर को हुए नुकसान की भरपाई करती है 
इसके साथ ही  सतावरी के कंद का पावडर बनाकर आधा चम्मच दूध के साथ नियमित लें, इससे कैल्शियम की कमी नहीं होगी। गुड़हल के लाल फूल की 25 पत्तियां नियमित खाएं। ये डायबिटीज का पक्का इलाज है।
गुड़हल फूल में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट कॉलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखते हैं। यूनानी दवाओं में गुड़हल काढ़े या चाय के तौर पर दिया जाता है। इसमें चीनी नहीं मिलाई जाती और इससे शरीर में ग्लकोज का संतुलित स्तर बनाए रखने में मदद मिलती है।
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अनियमित मासिक धर्म

अनियमित मासिक धर्म

 धर्म की शिकायत यह माह में कभी दो बार या एक-डेढ़ माह में एक बार तक हो सकता है, यानी
Menstruation
नियमित नहीं रहता, कभी ज्यादा गरम वस्तु खा ली कि मासिक शुरू हो जाता है।
यह 28 दिन की अवधि में न हो, बहुत थोड़ी मात्रा में हो, कष्ट के साथ हो तो यह अनियमित मासिक धर्म कहलाता है।

 तकलीफ में यह इलाज करें-


(1) दोनों वक्त आधा कप पानी में अशोकारिष्ट और दशमूलारिष्ट की 2-2 चम्मच दवा डालकर लगातार दो माह या तीन माह तक पीना चाहिए। मासिक धर्म शुरू होने से 2-3 दिन पहले से सुबह दशमूल का काड़ा बनाकर खाली पेट पीना शुरू कर, मासिक स्राव शुरू हो तब तक सेवन करना चाहिए।
(2) श्वेत प्रदर और अनियमित मासिक धर्म की चिकित्सा 4-5 माह तक इस प्रकार करें- भोजन के बाद आधा कप पानी में दशमूलारिष्ट, अशोकारिष्ट और टॉनिक एफ-22 तीनों दवा को 2-2 बड़े चम्मच डालकर दोनों वक्त पीना चाहिए।
(3) 20 ग्राम गन्ने का सिरका रोज रात को सोने से पहले पीने से खुलकर व साफ माहवारी आती है।
(4) अमलतास का गूदा 4 ग्राम, नीम की छाल तथा सोंठ 3-3 ग्राम लेकर कुचल लें। 250 ग्राम पानी में 10 ग्राम गुड़ सहित तीनों सामग्री डाल दें व पानी चौथाई रहने तक उबालें। मासिक की तारीख शुरू होते ही इस काढ़े को सिर्फ एक बार पिएँ । इससे मासिक खुलकर आएगा तथा पीड़ा यदि हो तो दूर होगी

शुक्राणु बढ़ाने वाला अचूक नुस्ख़ा -शुक्राणु निल्ल

शुक्राणु निल्ल
Sperm cell curing
शुक्राणु बढ़ाने के अलावा यह योग तमाम तरह की मर्दाना कमज़ोरी को दूर करता है। 
अनादिकाल से संतानहीनता से ग्रस्त हर पुरुष इस यक्ष प्रश्न का उत्तर चाह
पूर्ण रूप से स्वस्थ एवं विकसित पुरुष भी संतानोत्पत्ति करने में सक्षम ही हो यह जरूरी नहीं है। यह भी जरूरी नहीं कि पूर्ण रूप से अविकसित पुरुष संतानोत्पत्ति न कर सके। पुरुष संतानहीनता के कई कारण होते हैं। इनमें से कई का निवारण किया जा सकता है।

योग

ता रहा है कि वह संतानोत्पत्ति में सक्षम है या नहीं। संतान की उत्पत्ति के लिए शुक्राणु और अंडाणु का सफल निषेचन होना चाहिए। संतानहीनता की स्थिति में पति और पत्नी दोनों के मन में यह उथल-पुथल रहती है कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

हेल्थ किट के साथ  नाइट पावर गोली का 4 माह तक लगातार सेवन करे ओर स्ट्रीट मे
 शक्रवल्लभ रस में मूसली पाक मिला कर दें पुरुष संतानहीनता
यह शुक्राणु बढ़ाने वाला कारगर नुखसा है जो आपको बिना किसी लालच के बताया जा रहा है
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जोड़ों का दर्द का पक्का इलाज


Arthralgia ,आलॉवेरा जूस का 3-4 माह तक नियमित इस्तेमाल करे ओर साथ  मे  पेन-अवे का
joint pain
इस्तेमाल करते रहे . गोली ओर .तेल  है
( कीमत 300-00 गोली , 175-00 तेल )
 उपरोक्त दवा के साथ साथ  किसी भी एक गोली का पर्योग साथ मे करें 
1 भैरव रस
2 आनंद भैरव रस

3 अग्निमुख रस
मे से कोई एक रस की गोली का विधि अनुसार कम से कम 60-90 दिन तक का कोर्स पूरा करें

इससे चोंट मोंच का दर्द, जोड़ों का दर्द, कमर दर्द और वात प्रकोप साइटिका आदि के कारण होने वाला दर्द दूर करने के लिए यह उपाय बहुत गुणकारी है।